ब्लड ग्रुप का इतिहास
अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल
लैंडस्टीनर ने एबीओ रक्त प्रणाली की कोज की जिसके लिए इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित
किया गया| सन 1930 में Rhd एंटीजन की खोज हुयी.रक्त में पाए जाने वाले लाल
कोशिकाओं की सतह पर एक विशिष्ट एंटीजन की उपस्थिति से ब्लड ग्रुप का निर्धारण किया
जाता है.
प्रतिजन (antigen)
प्रतिजन (antigen) किसी जीवधारी
के शरीर में उपस्थित वे अणु हैं जो रोगों से
लड़ने की क्षमता
उत्पन्न करते हैं। दूसरे शब्दों में, कोई भी पदार्थ
जो शरीर के प्रतिरक्षा प्रतिपिंड (Antibody) उत्पन्न
करने में
सहायक होता है, उसको प्रतिजन कहते हैं। प्रतिजन वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आदि हो सकते हैं।
प्रतिपिंड (Antibody)
प्रतिपिंड (Antibody) यदि शरीर में कोई जीव, विष, जीवाणु या अन्य प्रोटीन प्रविष्ट करता है, तो उसके प्रभाव को
रोकने के लिये शरीर में कुछ वस्तुओं का सृजन होता है। ऐसी वस्तुओं को प्रतिपिंड
कहते हैं। प्रतिपिंड प्रतिजन (antigen) नामक पदार्थ से बनते हैं। प्रतिजन सीरम में रहते हैं।
